Monday, August 12, 2019

कैसे पहुंचे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और द्वारकाधीश ??

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

वायु मार्ग- सोमनाथ से 55 किलोमीटर स्थित केशोड नामक स्थान से
सीधे मुंबई के लिए वायुसेवा है। केशोड और सोमनाथ के बीच बस व
टैक्सी सेवा भी है। 
रेल मार्ग- सोमनाथ के सबसे समीप वेरावल रेलवे स्टेशन है, जो वहां से मात्र सात किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहाँ से अहमदाबाद व गुजरात के अन्य स्थानों का सीधा संपर्क भी है। 

सोमनाथ में कहाँ कहाँ जाएं.???
आप यहाँ कई तीर्थस्थलों पर जा सकते हैं जिनमे से 
मुख्य तीर्थस्तथल ये है👇
1- सोमनाथ मंदिर
2- त्रिवेणी घाट
3- पंच पांडव गुफा
4- लक्ष्मी नारायण
5- गीता मंदिर
6- परशुराम मंदिर
7- सूरज मंदिर
8- देहोत्सर्ग तीर्थ


महादेव की ध्यान मुद्रा में 125 फ़ीट ऊंची और 25 फ़ीट चौड़ी प्रतिमा

दूर से मंदिर 


नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और द्वारकाधीश..

सोमनाथ दर्शन सम्पन्न करके के बाद आप वहां से डायरेक्ट
कैब या ट्रैन से नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए प्रस्थान कर सकते हैं।

रेल मार्ग- वेरावल से द्वारका के लिए डायरेक्ट ट्रैन है, आप वेरावल
से अगर रात की ट्रेन लेते हैं तो आप सुबह-सुबह द्वारका पहुँच जाएंगे।

द्वारका से पूरे दिन के लिए कैब बुक करके आप नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
और साथ ही आप और भी कई पुण्य स्थल पर जा सकते हैं।

द्वारका से नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी मात्र 16 किलोमीटर है।

द्वारका के कुछ मुख्य तीर्थस्थल

1- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
2- बेट-द्वारका
3- द्वारकाधीश मंदिर
4- गोपी तालाब
5- रुक्मणि मंदिर

बेट द्वारका मुख्य गेट


बेट-द्वारका

बेट द्वारका- यहां जाने के लिए आपको समुद्री नाव में बैठ कर जाना पड़ता है, करीब 15 से 20 मिनट का रास्ता है। यह भगवान श्रीकृष्ण का गृह स्थल है जहां से आपको प्रसाद में चावल और अन्य कुछ अन्न मिलेंगे जिनकी मान्यता है कि आप इस अन्न के प्रसाद को अपने अन्न में मिलाकर रखने से आपके घर मे माता अन्नपूर्णा का वास सदैव के लिए रहता है।
द्वारका के मुख्य शहर से लगभग 30 किमी के आसपास स्थित एक द्वीप है। इस द्वीप को बेटे शंखोधर के नाम से भी जाना जाता है, और यह एक समृद्ध बंदरगाह है। यह सफेद रेत, समुद्र तट और प्रवाल भित्तियों से घिरा हुआ है। यह थोड़ा समुद्र के अंदर है, इस आइलैंड पर कुछ दुर्लभ और सुंदर मंदिर है, वहां एक संकीर्ण सड़क है जो इन मंदिरों की ओर जात है जो स्थानीय शिल्प, मूर्तियों, कैसेट, नारियल और समुद्री मछली बेचने वाले विक्रेताओं द्वारा भीड़ भी रहती है।
द्वीप पर स्थित मुख्य मंदिर भगवान श्रीकृष्ण का है, जो एक समय भगवान श्रीकृष्ण और उनके परिवार का निवास स्थल था।

बेट द्वारका के लिए जाने वाला बंदरगाह

द्वारकाधीश मंदिर




4 comments:

Anonymous said...

Nice information..har har mahadev

Anonymous said...

Very gd

Anonymous said...

Good information

Anonymous said...

Useful information..